हरियाणा मेल ब्यूरो
16/04/2017  :  10:47 HH:MM
हाईकोर्ट में भी एफीडेविट फाइल करेगी सरकार
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समालखा प्रदेश के परिवहन एवं जेल कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि देश में जनहित को देखते हुए पिछले समय 1015 में से 273 रुटों को कन्फर्म करने के बाद उन पर 853 प्राइवेट गाडिय़ों को सरकार ने परमिट देकर चलाने का काम किया था।

इसके बाद लोगों की सुविधा को देखते हुए 2016-17 के लिए नई परिवहन नीति बनाई गई। जिसके अंदर नई परमिट को लेकर 1669 दरखास्त आई, लेकिन रोडवेज अधिकारियों द्वारा बनाई नई परिवहन नीति का यूनियन पदाधिकारियों ने विरोध करते हुए हड़ताल शुरू कर दी और जनता की परेशानी को देख हमने यूनियन
पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद उक्त परिवहन नीति को वापस लेने का फैसला लिया। पंवार ने यह बात पत्रकारों से बातचीत करते समय कहीं। शुक्रवार को वो समालखा की नई अनाज मंडी का दौरा करने के लिए पहुंचे थे। परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन नीति के विरोध में हाईकोर्ट में भी केस फाइल किया हुआ है।
जिसकी 20 अप्रैल को तारीख लगी है। यूनियन पदाधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में लिये गए फैसले के अनुसार ही सरकार हाईकोर्ट में परिवहन नीति 2016-17 को वापस लेने के लिए एफीडेविट फाइल करेंगी और इसके बाद ही नई परिवहन नीति बनाई जाएगी। पंवार ने कहा कि नई परिवहन नीति को बनाने के दौरान
जीएम रोडवेज, आरटीए व रोडवेज यूनियन पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 273 रुटों पर हाल में जो 853 बसे चल रही हैं वो नई पालिसी के आने तक पुरानी पर ही चलती रहेंगी। मंत्री ने कहा कि हरियाणा रोडवेज की बसों के अंदर 39 कैटेगरी ऐसी है, जिनको रोडवेज बसों में सुविधाएं देते है, लेकिन प्राइवेट आपरेटर इसे मान नहीं रहे थे। अब उन्हें भी सख्त आदेश दिए गए हैं की वो भी उक्ट कैटेगरी को मानें। सख्त कार्रवाई करेगा। इस अवसर पर मंडी एसोसिएशन के प्रधान रोशन लाल मित्तल, पार्षद राजपाल कुहाड़, मार्केट कमेटी सचिव ज्योति, डीएसपी नरेश अहलावत, चौकी प्रभारी अत्तर सिंह आदि
मौजूद रहे।

आढ़तियों ने गिनाई समस्या :

मंडी का निरीक्षण करने के बाद परिवहन मंत्री ने स्थानीय आढ़तियों से हालचाल पूछते हुए समस्याओं को लेकर बातचीत की। जिस पर आढ़तियों ने हैफेड की पेमेंट में देरी के साथ साथ लिफ्टिंग के धीमा होने व सह्रश्वताह भर से मंडी में ट्रांसफार्मर खराब होने पर बिजली की समस्या से अवगत कराते हुए बिजली निगम अधिकारियों पर समस्या से अवगत कराने के बावजूद भी अनदेखी करने का आरोप लगाया। मंत्री ने आढ़तियों की बिजली संबंधित समस्या के समाधान को लेकर एसडीओ को फोन लगाया तो उन्होंने खुद को अस्पताल में बताया। इसके बाद एक्सईएन को लगाया तो उन्होंने फोन को उठाया तक नहीं और एसई साहब का फोन तो 
नाट रिचेबल ही मिला।






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