हरियाणा मेल ब्यूरो
17/04/2017  :  09:58 HH:MM
बिजली इंजीनियरों ने की पीयूष के बयान की ङ्क्षनदा
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हिसार/ जांलधरत्न केन्द्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पानीपत यमुना नगर और हिसार में मौजूदा बिजली संयंत्रों की भूमि बेचने तथा राज्य को निजी जेनरेटर से बिजली उबलब्ध कराने के वयान की हरियाणा पावर जनरेशन इंजीनियर्स एसोसिएशन(एचपीजेईए) ने ङ्क्षनदा की है।
एसोसिएशन ने कहा कि पीयूष गोयल ने एक बयान दिया है कि राज्य चलाने वाले थर्मल ह्रश्वलांटों की दक्षता कम हो गई है और कोयला परिवहन एक महंगा प्रस्ताव है क्योंकि इन ह्रश्वलांट की ऐसी जमीन नीलामी की जानी चाहिए और बाजार से सस्ती बिजली खरीदी जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि पानीपत थर्मल ह्रश्वलांट चरण एक में 110 मेगावाट की पहली चार इकाइयों को पहले ही खत्म कर दिया गया है क्योंकि इनकी आयु सरकार के मत से खत्म हो गई है और सरकार ने इन इकाइयों की जगह प्रत्येक 660 मेगावॉट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयां प्रस्तावित की हैं। इन इकाइयों को आवंटित कोयले का इस्तेमाल नई इकाइयों के लिए किया जाएगा। इसी तरह यमुना नगर में 660 मेगावाट की एक नई सुपरक्रिटिकल इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव है। चरण 2 और तृतीय की 4 इकाइयां जिनकी कुल क्षमता 920 मेगावाट है और यमुना नगर में 300 मेगावाट की दो यूनिटें सही स्थिति में हैं। हिसार में खेदर में 600 मेगावॉट की दो इकाइयां पूरी दक्षता से चल रही हैं। एसोसिएशन के महासचिव विकास राठौर ने यहां जारी वयान में कहा कि राज्य क्षेत्र की इकाइयां लाभ कमा रही हैं। उन्होने कहा कि बिजली मंत्री का बयान स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि वह निजी जनरेटर के एकाधिकार को अनुमति देने के लिए सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उत्पादन संयंत्रों का निजीकरण करना चाहता है।





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