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समाचार ब्यूरो
17/04/2017  :  11:01 HH:MM
चुनौती नहीं, संवाद कीजिए
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निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और तकनीशियनों को चुनौती दी है कि वे सामने आकर दिखाएं कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को हैक किया जा सकता है। यह अजीब रुख है। यह सवाल जरूर उठेगा कि निर्वाचन आयोग रेफरी की भूमिका में है, वह खुद एक पक्ष बन गया है? 17 राजनीतिक दलों ने ईवीएम पर शक जताया है, तो आयोग को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए था।

बेहतर यह होता कि वह तुरंत इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाता। इससे पार्टियों से संवाद शुरू होता। मगर लगता है कि ईवीएम के मसले को उसने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। वरना, आम आदमी पार्टी को वह बेज़ा सलाह नहीं देता। उल्लेखनीय है कि जब इस दल ने ईवीएम में हेरफेर का शक जताया, तो आयोग ने 
उसे पंजाब में अपनी हार के कारणों की पड़ताल करने का परामर्श दे दिया। यहां मुद्दा यह नहीं है कि हाल के चुनावों में विपक्ष की हार ईवीएम में हेरफेर से हुई या नहीं। अधिकांश लोग यही मानते हैं कि ऐसा नहीं हुआ। इसके बावजूद पार्टियों को इन मशीनों पर शक है, तो आवश्यकता उसे तथ्यात्मक और तार्किक रूप से दूर करने की है। जबकि निर्वाचन आयोग उनकी शिकायतों के प्रति अपमान का भाव जताता नजर आता है। वरना, वह हैक करके दिखाने की चुनौती क्यों देता? अगर कुछ लोगों के बैंक खातों में इलेक्ट्रॉनिक फ्रॉड का मामला आए या उन्हें ऐसा शक हो, तो क्या बैंक को यह कहना चाहिए कि सामने आकर सिद्ध करो कि ऐसा
फ्रॉड संभव है! इसका जवाब यह कहकर दिया जा सकता है कि फ्रॉड चोर करते हैं और वह तरीका किसी आम खाताधारी को नहीं आ सकता।

तात्पर्य यह कि निर्वाचन आयोग को अपने रुख की निरर्थकता समझनी चाहिए। वरना, खुद उसकी निष्पक्षता और प्रतिष्ठा पर आंच आएगी। ऐसा हुआ तो चुनाव प्रक्रिया संदिग्ध होगी और भारतीय लोकतंत्र एक गहरे संकट में फंस जाएगा। आयोग को ध्यान रखना चाहिए कि इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि राष्ट्रपति से मिले। इस प्रतिनिधिमंडल में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद और डॉ. मनमोहन सिंह, सतीश मिश्रा, जयप्रकाश नारायण, डी. राजा आदि जैसे बड़े नेता शामिल थे। यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में है। भिंड जैसी घटनाओं ने शक और बढ़ाया है। इससे बनती स्थितियों को लेकर आयोग को सतर्क होना चाहिए। वरना, उस पर ‘धृतराष्ट्र बनने’ का आरोप गहराएगा, जिसके अतिहानि कारक परिणाम होंगे।






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