healthprose viagra http://tramadoltobuy.com/ http://buypropeciaonlinecheap.com/
 
 
हरियाणा मेल ब्यूरो
30/04/2017  :  11:03 HH:MM
योगी राज में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में हो रहा सुधार
Total View  16

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तेजी से फैसले ले रही है। उम्मीद है कि जल्द इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। बात आज तक की कि जाये तो फिलहाल कानून व्यवस्था को छोडक़र अन्य फैसलों का अभी जमीन स्तर पर कोई खास असर नहीं दिखाई पड़ रहा है और यह उम्मीद भी नहीं की जा सकती है कि इतनी जल्दी किसी सरकार के फैसले जमीन पर उतर सकते हैं।

लेकिन जनता में योगी सरकार को लेकर विश्वास है। यह बड़ी वजह है। गलत काम करने वालों के हौसले पस्त पड़ रहे हैं। सरकारी धन की लूट पर शिकंजा कसा जा रहा है तो समाज में व्याप्त भेदभाव और भय के माहौल को कम करने के लिये भी योगी सरकार प्रयत्नशील है। योगी सरकार सीधे जनता से जुड़े मसलों- स्वास्थ्य 
सेवाओं, बिजली−पानी, शिक्षा सुधार, सडक़ आदि पर विशेष ध्यान दे रही है। महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी योगी सरकार सजग है। प्रदेश में ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिनका मानना है कि योगी सरकार बिना भेदभाव के काम कर रही है। अपराधियों को सरकारी संरक्षण मिलना बंद हो गया है। धर्म की आड़  में अधर्म के खेल पर भी योगी सरकार सख्त रूख अपनाये हुए है। सरकारी योजनाओं का बंदरबांट करके भ्रष्टाचार का खेल खत्म भले नहीं हुआ हो अंकुश तो लगा ही है। परंतु सबसे बड़ी समस्या है नौकरशाही को हैंडिल करना। अभी तक यूपी की नौकरशाही नई सरकार के साथ तालमेल नहीं बैठा पाई है। वह पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के तौर−तरीकों पर ही चल रही है। सीएम योगी के बार−बार कहने के बावजूद तमाम नौकरशाहों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा शासन को उपलब्ध नहीं कराया है। वैसे, संपत्ति की घोषणा के मामले में योगी के नौकरशाह ही नहीं मंत्री भी टाल−मटोल का रास्ता अपना रहे है। हाल ही में कई जिलों के  लाधिकारियों
और पुलिस अधीक्षकों (आईएएस/पीसीएस) सहित महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कई बड़े अधिकारियों के तबादलों के बाद यह उम्मीद की जानी चाहिए कि नये अधिकारी योगी के हिसाब से काम करेंगे, उनके ऊपर पूर्ववर्ती सरकार का रंग नहीं चढ़ा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि जो बदलाव किये गये हैं उससे यह संकेत निकल जरूर निकल कर आ रहे हैं कि योगी राज में ईमानदार अफसरों की पूछ बढ़ेगी। डीजीपी के पद पर सुलखान सिंह की नियुक्ति इसकी बानगी है। खैर, सिक्के के दूसरे पहलू पर नजर दौड़ाई जाये तो इस बात का आभास साफ हो जाता है कि नौकरशाही की लगाम अभी तक भले ही सीएम योगी पूरी तरह से कस नहीं
पाये हों, लेकिन उनके मंत्रिमंडल के सदस्य प्रदेश की तस्वीर बदलने के लिये लगातार प्रयासरत हैं। हो सकता है मंत्रियों के कामकाज के तरीकों में कहीं पर अनुभव की कमी आड़े आ रही हो, परंतु किसी मंत्री की नियत में खोट नजर नहीं आती है। ऐसा लगता है कि सीएम योगी को अभी और सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   8364258
 
     
Related Links :-
चुनाव से पहले हमला
चुनाव खर्च का पेचीदा मामला
चुनाव आयोग की चुनौतीसशर्त या बिना-शर्त?
जाधव को जस्टिस
बेटियों को सत्याग्रह न करना पड़े सरकार
परमाणु महत्त्वाकांक्षा बनाम यथार्थ
समर्थन की रस्म-अदायगी
सरकार का सही रुख
साइबर अपराधियों का हमला
लेकिन जवाब क्या है?