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08/05/2017  :  09:24 HH:MM
किसान को जोखिम फ्री बनाने में हरियाणा सबसे आगे : धनखड
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राज्य के हर किसान को जोखिम फ्री बनाने में हरियाणा सबसे आगे है। जब भी किसान की उंगली में कांटा भी लगता है तो दर्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को भी होता है। हर किसान के दुख: दर्द में यह सरकार सांझीदार है। जब भी किसान पर किसी भी तहर की दिक्कत आई तो सरकार किसानों की मदद में खड़ी मिली।

किसान की खराब हुई फसल के मुआवजे देने से लेकर गा्रम के विकास की परिकल्पना साकार करने की दिशा में वर्तमान सरकार जुटी है। ये कहना है कृषि एवं पंचायत विकास मंत्री ओपी धनखड़ का। कैथल के गांव बालू में किसान खेतीहर मजदूर एवं पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन में धनखड़ ने कहा कि इनेलो और कांग्रेस ने
अपने कार्यकाल में किसानों के लिए ऐसा कुछ विशेष नहीं किया, मगर अब जब भाजपा सरकार किसानों की मदद करती है तो विपक्षी जनता को भ्रमित करने और बरगलाने का काम करते हैं।

राज्य को 11 लाख टन खाद की जरूरत

राज्य के किसानों को जोखिफ फ्री बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का हवाला देते हुए कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि जब 26 अक्तूबर को भाजपा की सरकार बनी और काम संभाला तो गेहूं की बुआई पर खाद का संकट आया था। उस समय अधिकारियों से पता किया तो पाया कि हुड्डा सरकार केवल 35 हजार टन खाद स्टॉक में छोड़ गई थी। जबकि हरियाणा में 11 लाख टन खाद की जरूरत होती है। उसके बाद हमने व्यवस्था की और आज तक दोबारा खाद की कोई कमी नही होने दी। धनखड़ ने कहा कि उसी दिन मैंने समझ लिया था कि जाने वाली सरकार हमारे रास्ते में कांटे बोकर गई है और हमें सावधानी से काम करना है। उन्होंने कहा कि उसके बाद गेहूं की फसल पर भारी ओलावृष्टि हुई और नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने प्रति एकड़ 12 हजार का मुआवजा दिया। बाद में कपास भी मक्खी का प्रकोप आया तो कपास के किसानों को भी मदद दी। इस तरह सरकार ने पहले ही वर्ष में किसानों केा 2200 करोड़ का मुआवजा बांटा। जो
कि रिकार्ड है। उन्होंने कहा कि किसानों की  आय दुगुनी करने और उन्हें जोखिम फ्री बनाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आरंभ हुई।






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