12/05/2017  :  09:29 HH:MM
हरियाणा के गांव में बेटियों के नाम के नेमह्रश्वलेट
Total View  38

गुरुग्रामत्न राष्ट्रीय राजधानी से सटे गुरुग्राम में एक गांव के निवासियों ने अपने घरों के नेमह्रश्वलेट में लड़कियों का नाम रखने का फैसला किया है। हरियाण लैंगिक पूर्वाग्रह को लेकर कुख्यात राज्य माना जाता है। यहां से लगभग 17 किलोमीटर दूर सोहना के निकट अलीपुर गांव के निवासियों ने अपने घर के मुख्य द्वार पर अपनी बेटियों के नाम का नेमह्रश्वलेट लगाना शुरू किया है।

अलीपुर उन पांच गांवों (चार गुरुग्राम के और एक मेवात का) में शामिल है, जिसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस साल शुरू की गई आदर्श ग्राम योजना पहल के तहत मॉडल गांव बनाने के लिए गोद लिया है। गांव में एक घर के मुख्य द्वार पर पहले पवन कुमार के नाम का नेमह्रश्वलेट लगा था, लेकिन अब नेमह्रश्वलेट में उनकी बेटी मोनिका का नाम है। गांव के एक निजी स्कूल में माध्यमिक कक्षा की छात्रा मोनिका नेमह्रश्वलेट पर अपना नाम देखकर बेहद रोमांचित व उत्सुक है। मोनिका की मां मीना घरेलू महिला हैं, जबकि पिता पवन कुमार किसान हैं। गांव की सरपंच ममता डागर द्वारा शुरू किए गए लाडो स्वाभिमान उत्सव अभियान के तहत गांव के फैसले पर दंपति बेहद खुश है। अलीपुर में 5,000 से अधिक लोग रहते हैं और यह 700 घरों के नेमह्रश्वलेट बदलने का इच्छुक है। कुछ लोगों ने अपना नेमह्रश्वलेट पहले ही बदल दिया है, जबकि कुछ ने बेटियों व पोतियों के नाम से नए नेमह्रश्वलेट के ऑर्डर दिए हैं। डागर ने कहा कि ग्रामवासी अपनी बेटियों तथा पोतियों के नाम
पर पौधे भी लगा रहे हैं और पौधे की सबसे अच्छी देखभाल करने वाले परिवार को सम्मानित किया जाएगा।





----------------------------------------------------

Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   1953805
 
     
Related Links :-
बवाना उपचुनाव: केजरीवाल की फिर अग्नि परीक्षा
लंबा खिंच सकता है डोकलाम में चीन के साथ गतिरोध
जांगिड़ ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नेमी चन्द शर्मा
शहीद लोंगोवाल की बरसी पर उमड़े लोग
मोदी, सोनिया, मनमोहन, राहुल और प्रियंका ने दी श्रद्धांजलि
पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम : संधू
डोकलाम गतिरोध : भारत-चीन के आर्थिक संबंधों का नया आयाम
ट्रैंक्विल त्रिलोग्स नामक अनूठी चित्रकला प्रदर्शनी आज से
जाटों ने कैह्रश्वटन अभिमन्यु को दिखाए काले झंडे
पर्रिकर ने सामना के संपादकीय को बताया फर्जी खबरों पर आधारित