समाचार ब्यूरो
15/05/2017  :  14:42 HH:MM
गरीबी के बाद भी पैर गंवा चुके बेटे का करवाया इलाज
Total View  335

बाकी माओं का संघर्ष सिटी के डा. अंबेडकर नगर में रहने वाली गीता रानी जैसा नहीं है। परिवार में बेअंत गरीबी तो पति डेढ़ दशक से मानसिक रूप से बीमार... चार बच्चे पालने के लिए शुरू किया कोठियों में काम करना लेकिन कमाई पूरी नहीं पड़ी।
बड़े बेटे को साथ काम पर ले जाने लगी और किसी तरह उसने दसवीं भी की। हालात सुधारने के लिए उसे दुकान पर नौकरी करनी पड़ी। गीता रानी कहती हैं, उन्होंने छोटे दो बेटों बेटी की पढ़ाई के लिए बड़े बेटे अमर की पढ़ाई छुड़वा कर काम पर लगा दिया। बेटे आकाश मेहरा आजाद मेहरा बड़े हुए तो हाकी खेलने लगे। दोनों को इंटरनेशनल खिलाड़ी बनाने का सपना देखा पर 23 नवंबर, 2012 को कैंट रेलवे स्टेशन पर हादसे में आकाश की दोनों टांगें कट गईं। तंदरुस्त होने में ही तीन साल लग गए। आकाश वीर वबरीक चौक में एपीजी स्कूल में पढ़ता था। वह हिमाचल में पंजाब की तरफ से खेलने गया था। वहां जाकर पता लगा कि सर्टिफिकेट घर पर ही रह गए हैं। अगले दिन जम्मू तवी ट्रेन में बैठकर वापस आया। तभी जालंधर कैंट स्टेशन पर उतरते हुए, पीछे से धक्का लगा और वह नीचे गिर गया। हादसे ने उसकी दोनों टांगें छीन लीं। वह तीन साल बेड पर रहा। मां होने के नाते बेटे को फिर से तैयार किया दोबारा खेल के मैदान में भेजा है। अब वह पैरा ओलंपिक्स के लिए दोबारा खेल मैदान में उतर चुका है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   1243079
 
     
Related Links :-
नगर निगम द्वारा शुरू किया गया विशेष सफाई अभियान
मेंडिसिटी और फोर्टिस अस्पतालों का निरीक्षण
पहली बार में ही मादक पदार्थों को ‘ना’ कहें : डा. प्रदीप
गुरूग्राम के 1732 स्कूलों में टीकाकरण
रक्तदान से बचाई जा सकती है जिंदगी : नरेन्द्र सिंह
बड़ी मस्जिद में २५८ बच्चों का किया गया टीकाकरण
चलेगी पुलिसकर्मियों को नशा मुक्त करने की मुहिम
बच्चों में विटामिन और मिनिरल की कमी ऐसे होगी दूर
बीमार है सरकारी चिकित्सा व्यवस्था : अभय जैन
मुख्यमंत्री 25 को करेंगे खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान की शुरूआत