इजरायली लेखक डेविड ग्रॉसमैन को मैन बुकर पुरस्कार
 
 
हरियाणा मेल ब्यूरो
16/06/2017  :  10:00 HH:MM
इजरायली लेखक डेविड ग्रॉसमैन को मैन बुकर पुरस्कार
Total View  153

इजरायली लेखक डेविड ग्रॉसमैन ने अपने नवीनतम उपन्यास ए हार्स वॉक्स इनटू ए बार के लिए लंदन में 2017 का प्रतिष्ठित मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार जीता है। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, ग्रॉसमैन ने बुधवार की रात अपने सहयोगी अमोस ओज और पुरस्कार के चार अन्य दावेदारों को हराया, जिसे विदेशी भाषा के उपन्यास लेखकों को अंग्रेजी में अनुवादित करने के लिए सम्मानित किया जाता है।
पुरस्कार की 50,000 पाउंड (64,000 डॉलर) की राशि का विभाजन बराबर रूप से ग्रॉसमैन और उपन्यास के अनुवादक जेसिका कोहेन में किया जाएगा। उपन्यास एक स्टैंडअप कॉमेडियन के इर्द-गिर्द घूमता है। वह अपने स्थानीय क्लब में अंतिम शो में जीवन के एक दर्दनाक क्षण से रूबरू कराता है। इसके निर्णायकों ने उपन्यास के महत्वाकांक्षी उच्च कसौटी वाले कार्य की तारीफ की। पुरस्कार पैनल के अध्यक्ष निक बारली ने कहा कि पुस्तक भावुकता के किसी संकेत के बिना दुख के प्रभाव को उजागर करती है। उन्होंने कहा, "हम ग्रॉसमैन की भावनात्मक और साथ ही साथ विशेष तरीके के लिए गए जोखिमों, हर वाक्य से प्रभावित है। लेखक के शिल्प के हर शब्द सर्वोच्च उदाहरण के तौर पर मायने रखता है।"ग्रॉसमैन का जन्म जेरुसलम 1954 में हुआ। उन्होंने अपना करियर एक पत्रकार के तौर पर शुरू किया था और उन्हें सार्वजिनिक रेडियो से इजरायल के आलोचनात्मक कवरेज करने पर नौकरी से निकाल दिया गया।ग्रॉसमैन 1970 से साहित्य रचना कर रहे हैं। उनके कार्यो में द जिगजैग किड, सी अंडर : लव और द बुक ऑफ इंटीमेट ग्रामर का 40 से ज्यादा भाषाओं में अनुवाद किया गया है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   3271697
 
     
Related Links :-
येरुशलम को लेकर हिंसा में दो फिलिस्तीनियों की मौत
माल्या को ब्रिटेन कोर्ट ने दिया बड़ा झटका
ट्रंप ने येरुशलम को इजरायल की राजधानी की मान्यता दी
आधार के नाम पर धोखाधड़ी, वसूले जा रहे हजारो
तेज हवा के चलते कैलिफोर्निया में आग ने लिया विकराल रूप
‘विजिलेंट ऐस’: सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू
अमेरिका सहित दुनिया में हो रहा भारी विरोध
जापान के 60 फीसदी युवा शादी से दूर भाग रहे हैं
भारत के प्रभाव के कारण कश्मीर पर बात नहीं करते ताकतवार देश
पाक सेना के पहले सिख अधिकारी ने गुरुद्वारा में रचाई शादी