समाचार ब्यूरो
19/06/2017  :  10:51 HH:MM
केंद्र सरकार से बातचीत की जाएगी : स. चरनजीत सिंह चन्नी
Total View  318

पंजाब सरकार द्वारा तकनीकी षिक्षा संस्थानों के विद्यार्थीयों का वार्षिक सत्र अगस्त से जुलाई होने के कारण प्रत्येक वर्ष अनेक विद्यार्थी उच्च षिक्षा के लिये तकनीकी षिक्षा संस्थानों के डिह्रश्वलोमा कोर्सो में प्रवेष लेने से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या का हल करने के लिये पंजाब सरकार द्वारा केंद्र सरकार से बातचीत की जायेगी कि आई टी आईज का वार्षिक सत्र जून से मई किया जा सके।
आज यहां तकनीकी षिक्षा मुलाजम एसोसिएषन के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के बाद जानकारी देते हुये तकनीकी शिक्षा मंत्री स. चरनजीत सिंह चन्नी ने बताया कि डिह्रश्वलोमा कोर्सो में प्रवेष के इच्छुक विद्यार्थीयों का एक वर्ष बचाने के लिये यह बहुत आवष्यक है कि आई टी आई के सत्र का समय ठीक किया जाये। स. चन्नी ने बताया कि हो यह रहा है कि तकनीकी षिक्षा संस्थानों में प्रवेष जून से जुलाई माह तक किये जाते हैं जबकि आई टी आई का सत्र जुलाई में समाप्त होता है जिससे लगभग एक महीने बाद विद्यार्थीयों का परिणाम आता है। उन्होंने बताया कि जबतक आई टी आई विद्यार्थीयों का परिणाम घोषित किया जाता है तबतक तकनीकी षिक्षा संस्थानों के डिह्रश्वलोमा कोर्सो के दाखिलों की तिथि निकल चुकी होती है। तकनीकी षिक्षा मंत्री ने बताया कि इस यह मामला बहुत ही गंभीर है और पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कैह्रश्वटन अमरिंदर सिंह द्वारा इस बात का हल करवाने के लिये केंद्र सरकार के पास उठाया जायेगा।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   6978181
 
     
Related Links :-
आरबीआई ने फर्जी वेबसाइट से सचेत रहने की चेतावनी जारी की
तिलक करके विदा करेगी महिला मोर्चा की कार्यकता
वशिष्ठ गोयल ने किया रैली स्थल का दौरा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे
भगवंत मान ने संसद में मुद्दे उठाने का बनाया रिकार्ड
हरियाणा को एक आदर्श राज्य बनाने में यूएनडीपी से मांगा सहयोग
युवा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विकसित करें : राष्ट्रपति
‘आधार’ न होने पर इस्तेमाल ईएमएस : लंदन कर सकते हैं वोटर कार्ड
उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण के लिए प्रधानमंत्री से गुहार उत्तराखंडियों ने प्रेस क्लब से संसद तक किया कूच
शहादत का कर्जदार है पूरा देश : सुभाष बराला