समाचार ब्यूरो
16/07/2017  :  10:01 HH:MM
चिंतनशाला में निकला अमृत, किसानों तक पहुंचाना है लक्ष्य
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हरियाणा अपनी स्वर्ण जयंती मना रहा है। पचास साल के इस हरियाणा में कृषि के संसाधनों, किसानों के लिए खेती को फायदे का सौदा बनाने और युवाओं को कृषि से जोडऩे की पहल से ही तरक्की होगी। किसानों के सामने आ रही चुनौतियों को अवसर में बदलकर उनका समाधान करने के लिए दो दिवसीय चिंतनशाला में एक्सपर्ट्स की राय से अमृत निकला। अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों ने मंथन के बाद अपनी राय रखी।

चिंतनशाला में सीड एक्ट बिल लाने, हरियाणा को सरह्रश्वलस सीड का प्रदेश बनाने, बागवानी को बढावा देने, 2027 तक हरियाणा की खेती को माइक्र ो इरीगेशन पर लाने, प्रदेश के एक हजार गांवों को चार साल में आर्गेंनिक खेती पर लाने, आर्गेनिक खेती के उत्पाद को शहरों में बिकवाने की व्यवस्था करवाने, हिसार एचएयू में आधुनिक बीज लैब बनवाने, प्रदेश के किसानों की भूमि के स्वास्थ्य की जांच करवा उन्हें एक नवंबर से पूर्व सॉयल हैल्थ कार्ड दिलवाने, हर गांव के उत्पाद के लिए ब्रांड बनाकर उनक ो पहचान दिलाने, हर खेत को पानी पहुंचाने सहित अनेक विषयों पर मंथन कर उसके लिए डॉक्यूमेंट तैयार करने का निर्णय लिया गया। खास बात यह रही है दो पूरे दिन चली इस मंथनशाला में स्वयं कृषि मंत्री मौजूद रहे और हर विषय के मंथन में हिस्सा लिया।

हरियाणा में बागवानी को बढावा दिया जाना स्वामीनाथन रिपोर्ट का ही एक हिस्सा है। इसी के तहत प्रदेश में 340 बागवान गांव बनाने के अलावा किसानों के लिए हर पांच गांव पर कलेकशन सेंटर बनाने, के अलावा जिला स्तर पर मार्केटिंग करवाने को प्रबध भी किया जाएगा। बागवानी को भी फसल बीमा योजना में लाने का सुझाव आया,ताकि ऐसे किसानों को भी नुकसान होने की स्थिति में मदद मिल सके। हरियाणा के एक हजार गांवों को आर्गेनिक खेती पर ले जाने के लिए जि मेदारी सौंपी गई। हर गांव में कम से कम 50 एकड खेती आर्गेनिक होगी। डीडीए, डीएचओ और अन्य अधिकारियों को लक्ष्य भी सौंप दिया गया, ताकि चार साल में इस लक्ष्य को पाया जा सके । पैरी अर्बन कल्चर को बढावा देने पर मंथन में विशेष फोकस रहा। प्रदेश के सभी बडे शहरों में गांव से किसान अपने गु्रप बनाकर सीधे ताजा उत्पाद की सह्रश्वलाई दें, इस पर काम करने की दिशा में कदम बढाया। एनसीआर-दिल्ली के बाजार पर विशेष नजर रखी जाए। इसके लिए बाकायदा एक
उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें मार्केटिँग के विशेषज्ञ भी शामिल किए गए, ताकि बाजार की सभी संभावनाओं का पता लगाया जाए। किस तरह से हरियाणा के किसान गु्रप बनाकर ताजा धारोषण दूध शहरों में पहुंचा सकें, इस पर भी फोकस रहा। एनसीआर क्षेत्र में एक हजार पशु डेयरियां खोलने के लिए लक्ष्य रखा गयाँ ताकि यहां के किसान जल्दी दूध शहर तक पहुंचा सकें। पचास पशुओं की एक हजार डेयरियों से प्रदेश का दूध उत्पादन भी बढेगा। मंथनशाला में सीड एक्ट बिल लाना महत्वपूर्ण चर्चा का विषय रहा। यह देश में नई पहल होगी। इसी प्रकार हिसार में अमेरिका की आयवा स्टेट से हुए एमओयू के अनुसार आधुनिक सीड
लैब बनाने की पहल भी होगी। चाहिए। कृषि में आमदनी बढ़ाने और बनेगे विशेषज्ञों के नेतृत्व में ग्रुप दो दिन की मंथनशाला में कृषि क्षेत्र में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियांवन और किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए योजनाबद्व काम करना जरूरी है। चुनौतियों पर मंथन के लिए विशेषज्ञों के नेतृत्व में अलग-अलग ग्रुप बनाए गए। सभी अपनी ईच्छा के अनुसार गु्रप में शामिल होने के लिए अपना नाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, ओरगेनिक फार्मिंग, क्रोप मैनेजमेंट, जोखिम प्रबंधकन, नवीन तकनीक और लैंड मैनेजमेंट आदि विभिन्न 16 गु्रप बनाए गए। इन गु्रपस ने अपने संक्षिप्त सुझाव तो रखे अब वे विजन २०२७ डॉक्यूमेंटस बनाएंगे।






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