समाचार ब्यूरो
16/07/2017  :  10:48 HH:MM
संसद के मानसून सत्र में हो महिला आरक्षण विधेयक परित
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नई दिल्ली महिला संगठनों ने मानसून सत्र में महिला आरक्षण बिल पास करने की मांग की है। इस संबंध में महिला संगठनों ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी मांग रखी और इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उनका मानना है कि अगर अभी ये बिल पास नहीं हुआ तो कभी नहीं हो पाएगा।

लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देने का प्रावधान करने वाला विधेयक लंबे समय से संसद में लंबित है। विधेयक जल्दी से जल्दी पारित हो इसके लिए सांसदों को महिला आरक्षण बिल पर उनकी प्रतिबद्धिता याद दिलाई जाएगी। इस मौके पर पर नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन वोमेन की
महासचिव अन्नी राजा, सेन्टर फार सोशल रिर्सच की निदेशक डाक्टर रंजना कुमारी, ज्वाइंट्स वोमेन्स प्रोग्राम की निदेशक और सचिव डाक्टर ज्योत्सना चटर्जी और आल इंडिया वोमेन्स कान्फ्रेन्स की वीना कोहली आदि मौजूद थीं।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से, हम इस संदेश को माननीय स्पीकर, लोकसभा, संसद मामलों के मंत्री, कानून और न्याय मंत्री, सांसदों और सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को भेजना चाहते हैं कि यह तालिका का सही समय है। संसद में बिल आंकड़े बताते हैं कि यदि वर्तमान सत्र में विधेयक पेश किया जाए तो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की अपेक्षित संख्या निश्चित रूप से इसे पारित करेंगे। हमें अभी या कभी नहीं स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, और सरकार को अब उदाहरण के आधार पर आगे बढऩा चाहिए, कहा कार्यकर्ता जो प्रेस क्लब में इक_े हुए थे, उनकी मांगें पेश करने के लिए। अध्ययन से पता चलता है कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की उपस्थिति के लिहाज से भारत का स्थान 140 देशों में 103 पर है। हाल में संपन्न हुए यूके इलेक्शंस का नतीजा यह रहा है कि वहां की संसद में महिलाओं की संख्या अब तक में सबसे ज्यादा रही है। हालांकि भारतीय राजनीति में पुरुष सत्ता की मानसिकता प्रगतिशील लोकतंत्र होने के हमारे लंबे चौड़े दावों के बावजूद नहीं बदल रही है।






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