समाचार ब्यूरो
12/09/2017  :  09:01 HH:MM
खुले में शौच मुक्त हुआ करनाल शहर
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चंडीगढ़ हरियाणा के करनाल ने अब शहरी क्षेत्र को खुले में शौच से शत प्रतिशत मुक्त करके एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय की ओर से थर्ड पार्टी इंस्पैक्शन के तहत सी.पी. डब्ल्यू.डी. की टीम ने करनाल शहर का दौरा कर इसे खुले में शौचमुक्त होने का प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बीती 31 जनवरी को करनाल (ग्रामीण) पहले ही खुले में शौच से मुक्त हो चुका है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विगत 15 अप्रैल से करनाल अर्बन को ओ.डी.एफ. करने के लिए नगर निगम द्वारा एक विशेष मुहिम शुरू की गई थी। सबसे पहले ऐसे एरिया की पहचान की गई, जहां लोग खुले में षौच के लिए जाते थे। इनमें शहर से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक के दोनों ओर जंगली झाडिय़ों से भरी जगह, डेहा बस्ती, बसंत विहार का कुछ एरिया तथा शहर से बाहर सैक्टर-32-33 क्षेत्र की झुग्गी-झोपडिय़ों में ओ.डी.एफ को लेकर स्थिति बेहद खराब थी। दूसरी ओर नगर निगम में शामिल
गांवों में भी पता लगाया गया कि सुबह उठकर कितने लोग खुले में जाकर शौच करते हैं। इसके पश्चात ऐसे लोगों को खुले में शौच करते देखकर उन्हे समझाने-बुझाने का सिलसिला शुरू किया गया। निगम द्वारा इस कार्य में लगाए गए ट्रीगर और मोटीवेटर्स ने मोर्चा संभाला, जो लाठी, टॉर्च व सीटी लेकर अल सुबह खुले में शौच करने वालों के पीछे जाने लगे। निगम अधिकारियों ने शेड्युल तय कर एक-एक जगह का जायजा लिया और खुले में शौच करने वालों को प्रेरित करना शुरू किया। उन्हें इस बुराई का त्याग करके, शौचालयों का प्रयोग करने के लिए कहा गया। इस दौरान संबंधित क्षेत्र के लोगों (महिला एवं पुरूश) की निगरानी कमेटियां बनाई गई और उन्हे इस मुहिम के साथ जोड़ा गया। उनकी स्वैच्छिक सेवा-भावना को देखकर सम्मान के तौर पर उन्हे स्वच्छागृही का नाम दिया गया। उन्होंने बताया कि इन कोशिशों से मुहिम को बल मिलता गया। अल-सुबह पहचान की गई जगहों पर सिटियां बजने लगीं, टार्च जगने लगी, जोर-जोर से अवाजें लगाकर खुले में शौच करते लोगों को उठाकर ट्रीगर शर्मिंदा करते रहे। महिलाओं को महिला मोटीवेटर तथा पुरूषों को पुरूष मोटीवेटर समझाते थे।






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