समाचार ब्यूरो
20/09/2017  :  10:03 HH:MM
रोहिंग्या संकट पर आंख मूंद कर बैठी हैं सू ची : एमनेस्टी इंटरनैशनल
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बैंकॉक। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने म्यामांर की नेता के टेलिविजन पर दिए भाषण में सेना के कथित अत्याचारों की निंदा न करने की आलोचना करते हुए कहा कि आंग सान सू ची और उनकी सरकार ने रखाइन प्रांत में हिंसा पर आंखें मूंद रखी हैं।
संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार समूहों और बांग्लादेश भागकर जाने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों ने म्यामांर की सेना पर मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ जातीय सफाए का अभियान छेडऩे के लिए गोलियों और आगजनी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। सू ची ने मंगलवार को अपने भाषण में हिंसा से पीडि़ता सभी लोगों की परेशानियों के लिए संवेदना जताई लेकिन जातीय सफाए के आरोपों पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि जो भी मानवाधिकार उल्लंघनों का दोषी पाया जाएगा उसे सजा दी जाएगी। एमनेस्टी ने कहा, आंग सान सू ची ने आज दिखाया कि वह और उनकी सरकार रखाइन प्रांत में हुई भयानक घटनाओं पर अब भी आंख मूंदे हुए हैं। उनके भाषण में झूठ और पीडि़तों को जिम्मेदार ठहराने की मिली जुली बातें थीं। मानवाधिकार समूह ने सुरक्षा बलों की भूमिका के बारे में चुप रहने पर सू ची पर निशाना साधा। एमनेस्टी ने कहा, आंग सान सू ची का यह दावा खोखला है कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जांच से नहीं डरती। अगर म्यामांर के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उसे संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं को रखाइन प्रांत समेत देश में आने की अनुमति तत्काल देनी चाहिए।






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