समाचार ब्यूरो
21/09/2017  :  10:25 HH:MM
किसानों के हितों को लेकर घासीराम ने किया लंबा संघर्ष
Total View  342

जींद नरवाना के गांव लोहचब निवासी घासीराम नैन ने पिछले चार दशकों में किसानों के हितों को लेकर अलग अलग सरकारों के खिलाफ कई बड़े आंदोलन किए और अनेक बार भूख हड़ताल पर बैठे। किसानों की मांगों को लेकर किए जाने वाले संघर्ष में वह 20 बार जेल गए। 2002 में कंडेला कांड के दौरान वह 19 माह जेल में रहे।
उन्होंने करीब चार वर्ष राजद्रोह का गंभीर मामला भुगता। 2005 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर राजद्रोह के मामले से छुटकारा मिला। लंबे समय तक किसानों के हितों को लेकर लंबा संघर्ष करने वाले घासीराम ने किसानों का खूब समर्थन मिला। वह नकली बीज और दवाईयां बेचने वाले दुकानदारों के बड़े खिलाफ थे। उन्होंने अनेक बार नकली सामान बेचने वाले लोगों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग की। 1975 में गेहूं का समर्थन मूल्य बढाने को लेकर आंदोलन किया। 1980 में भारतीय किसान यूनियन हरियाणा का गठन किया गया उस समय मांगेराम मलिक अध्यक्ष बने। कुछ समय के बाद उन्हें यूनियन का प्रदेशाध्यक्ष बना दिया। घासीराम नैन ने किसानों द्वारा निसिंग,कंडेला और मंडियाली में चलाए किसान आंदोलनों का समर्थन किया और किसानों पर हो रही ज्यादती को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। जब भी किसानों ने पुकारा वह किसानों के हक में खड़े हुए। भजनलालए,बंसीलाल और ओमप्रकाश चौटाला की सरकारों में घासीराम नैन ने जेल काटी। उन्होंने हरियाणा के किसानों के साथ साथ पंजाब, यूपी, दिल्ली और राजस्थान में जाकर किसानों के हितों को लेकर आंदोलन किए जिसको लेकर कई बाद जेल गए।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   5606177
 
     
Related Links :-
कॉपर ह्रश्व‍लांट के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, 9 की मौत
राज्य की 22 हजार किलोमीटर लंबी सडक़ों को किया जाएगा गड्ढïा मुक्त
दिल्‍ली से विशाखापटनम जा रही एपी एक्‍सप्रेस में आग
डीएलएफ फेज-3 नगर निगम में होगा शामिल : राव नरबीर सिंह
३ जून से शुरू होगी स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम : आशु
स्वच्छता की भावना को सर्वोपरि रख भारत विश्व का नेतृत्व करेगा : जैन
सीमा ने जीता 14, 9 0 9 एगेंजड कॉर्नेल अनुदान
सेकेंडरी परीक्षा का परिणाम 51.15 फीसदी
दिल्ली कमेटी ने विरोधी पक्ष पर झूठा प्रचार करने का लगाया आरोप
बिजली हालत नहीं सुधरे तो विभाग को सौंप देंगे फैक्ट्रियों की चाबी