हरियाणा मेल ब्यूरो
11/10/2017  :  09:56 HH:MM
कामुक और बलात्कारी बाबाओं के बेनकाब होने का सिलसिला
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कभी बाबा वेशधारी लोगों पर धर्म के नाम पर धंधा करके भारी भरकम सम्पत्ति जटु ान े और उसके बतू े एश्े ा करन े के आरोप लगा करत े थ े अब एसे े कर्इ बाबाओ ं पर युवतियों और महिलाओं से छेड़छाड़ करने और यौन उत्पीडऩ करने के आरोप लग रह े ह ंै और उन्ह ें जले के सीखं चो ं के पीछ े भजे ा जा रहा ह।ै बात नित्यानदं स े आसाराम रामरहीम के बाद कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य जैसे प्रभावी नाम वाले खोटे सिक्के से होते हुए बाबा सीताराम तक आ गई है।

रामप्रन्नाचार्य जैसे नाम से स्वयं को प्रतिष्ठित बताने वाला बाबा अपने आपको फलाहारी बाबा कहता है। 70 वर्षीय इस पाखण्डी को राजस्थान के अलवर में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस ढोंगी पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की एलएलबी छात्रा ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता ने इस मामले की बिलासपुर के महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और मामला अलवर का होने के कारण ही उसे यहां भेज दिया गया था। बाबा को अदालत ने छह अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस बीच पीड़िता के पिता ने बाबा पर कई आरोप लगाए हैं। बाबा पर आरोप है कि वह स्वयं को ब्रह्मचारी बताता है, जबकि वह शादीशुदा है और उत्तरप्रदेश के कौशांबी का रहने वाला है। उसकी पत्नी गांव में रहती है। उसने विशाल सम्पत्ति एकत्र की है और वह कई बड़े राजनेताओं और अफसरों से निकट के संबंधों का दम भरता रहता है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। आरोप साबित होने के बाद ही फलाहारी बाबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को अभियुक्त से अब कोई पूछताछ नहीं करनी है, इसलिए रिमांड नहीं मांगा गया है। पुलिस जल्द ही न्यायालय में आरोपी के खिलाफ चालान पेश करेगी।

पुलिस ने अलवर पहुंची पीड़िता और उनके परिजनों से दो दिन तक बयान लिए थे और पीड़िता से मौका मुआयना की तस्दीक करवाई थी। बाबा के खिलाफ पुलिस ने कई सबूत जुटाए हैं। बाबा को आइपीसी की धारा 376 के तहत गिरफ्तार किया गया है। बाबा की गिरफ्तारी के बाद उसके सैकड़ों समर्थक अस्पताल के बाहर जमा हो गए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद बाबा का पांच डॉक्टरों की टीम से मेडिकल कराया गया। बाबा अपने आपको नपुंसक बता रहा था, लेकिन मेडिकल टेस्ट में यह बात सही नहीं पायी गई। डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद ही बाबा को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने बाबा के लैपटॉप, कैमरा और पलंग की
चादर समेत कई चीजों को जब्त किया है। पुलिस पीड़िता को लेकर भी आश्रम गई और मौका मुआयना करने के बाद नक्शा बनाने की कार्यवाही की। ऐसे ढोंगीबाबा पहले भी होते रहे हैं। लेकिन आज के दौर में नित्यानंद से लेकर आसाराम, रामपाल, राधे मां, इच्छाधारी भीमानन्द, सत्य साईं, कृपालु, साक्षी, नारायण सांई आदि की
लम्बी लिस्ट है। क्या ऐसे पाखण्डी बाबा वेशधारी लोग सनातन धर्म की आड़ में पाप करके धर्म का कलंकित नहीं कर रहे हैं? ऐसे लोगों के लिए अलग तरह की सजा का प्रावधान कानूनों में किया जाना चाहिए। क्योंकि वे श्रद्धा और आस्था का दोहन करके घृणास्पद अपराधों को अंजाम देते हैं। अजित वर्मा






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