हरियाणा मेल ब्यूरो
17/10/2017  :  09:45 HH:MM
ईरान और उत्तर कोरिया के मुद्दे पर हिलेरी क्लिंटन ने ट्रंप पर साधा निशाना
Total View  13

वॉशिंगटन। ईरान के साथ परमाणु समझौता तोडऩे के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर अमेरिका में चौतरफा विरोध हो रहा है। डेमोकेट्रिक पार्टी की नेता और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी इसे खतरनाक बताया है।उन्होंने कहा कि सबूत इस बात के संकेत दे रहे हैं कि ईरान समझौते का पालन कर रहा है।

इसके बावजूद समझौते को खत्म करने की ट्रंप की धमकी देने से हम मूर्ख और छोटे लगते हैं और ईरान के लोगों के हाथों में खेल रहे हैं। इससे दुनियाभर में एक संदेश गया है कि अमेरिका अपने वादे का पक्का नहीं है।हिलेरी ने ट्रंप को सलाह दी है कि वह अमेरिका की तरफ से अन्य देशों को दिए गए वचन से पीछे नहीं हटें।
उन्होंने उत्तर कोरिया की समस्या से निपटने के ट्रंप के तरीके पर भी आपत्ति जताई। हिलेरी ने यह बात एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कही है। हिलेरी ने 2016 में ट्रंप के खिलाप राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था। हिलेरी ने कहा कि ट्रंप के रुख से दुनिया में यह संदेश जाएगा कि अमेरिकी लोगों की जुबान और समझौते भरोसे के लायक नहीं हैं।अमेरिकी की नीति यह रही है कि राष्ट्रपति ने अगर कोई समझौता किया है तो उसे उसका उत्तराधिकारी आगे बढ़ाता है। वह समझौते को खत्म नहीं करता है। यह अमेरिका की विश्वसनीयता का सवाल है। जो भी समझौता किया जाता है, वह उस समय की परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है। प्रस्ताव अस्वीकार करने की संसद से अपील की- हिलेरी ने संसद से अपील की है कि वह राष्ट्रपति के प्रस्ताव को सख्ती के साथ अस्वीकार करे। गौरतलब है कि 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के साथ समझौते में किया था।इस समझौते का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना था। ट्रंप ने समझौता तोडऩे की संस्तुति के साथ प्रस्ताव को संसद के पास भेज दिया है।दक्षिण कोरिया से बात करने को तैयार नहीं उत्तर कोरिया- रूस की मीडिया का कहना है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेता सोमवार को मिसाइल और परमाणु योजना पर सीधे तौर पर बातचीत नहीं करेंगे। दोनों देशों के नेता सेंट पीटर्सबर्ग में संसदीय कांग्रेस में हिस्सा
लेने पहुंचे हैं। ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि दोनों देशों के रिश्तों में खाई खटास को कम करने के लिए रुस मध्यस्थता कर सकता है और दोनों देशों को बातचीत के लिए तैयार कर सकता है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   508915
 
     
Related Links :-
अमेरिकी विशेषज्ञ ने ओबीओआर के खिलाफ खड़े होने पर मोदी की तारीफ
अमेरिका को भारत में निवेश जारी रखना चाहिए : श्राइवर
मसूद पर प्रस्ताव ब्लॉक करने में कोई अंतर्विरोध नहीं : चीन
जापान और अमेरिका में नौसैन्य अभ्यास शुरू
नेपाल ने चीनी कंपनी के साथ हाइड्रो प्रोजेक्ट डील की रद्द
रूस का दावा आईएस की मदद कर रहा है अमेरिका
सैन्य सहयोग का फैसला अभूतपूर्व
इराक-ईरान सीमा पर, मौत का तांडव
पीएम मोदी ने की ट्रंप से मुलाकात
रूस से लडऩे साइबर हथियार क्षमता बढ़ाएगा नाटो